12 भाद्रपद
2084रविवार
रविवार, २९ अगस्त २०२७
तिथि
द्वादशी
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुनर्वसु
पुष्य
योग
व्यतीपात
पक्ष
कृष्ण
पांच अंग
द्वादशी
विष्णु११ भाद्रपद, १२:५६०९:५०
त्रयोदशी
०९:५०१३ भाद्रपद, ०६:२७
पुनर्वसु
गुरु११ भाद्रपद, ०८:४६०६:३२
पुष्य
०६:३२१३ भाद्रपद, ०३:५९
आश्लेषा
१३ भाद्रपद, ०३:५९१४ भाद्रपद, ०१:१७
अक्षर ही› हु
रविवार
व्यतीपात
highly-inauspicious११ भाद्रपद, १३:२१०९:४२
वरीयान्
०९:४२१३ भाद्रपद, ०५:५०
तैतिल
११ भाद्रपद, २३:२६०९:५०
गरिज
०९:५०२०:१०
वणिज
२०:१०१३ भाद्रपद, ०६:२७
नक्षत्र विशेषताएं
नक्षत्र
पुनर्वसु
चरण
चतुर्थ — ही
चंद्र राशि
कर्क
राशि स्वामी
गुरु
गण
देव
योनि
मार्जार
वर्ण
वैश्य
नाड़ी
आदि
संवत
पक्ष
कृष्ण
चंद्र मास
भाद्रपद
विक्रम संवत
२०८४
शक संवत
१९४९
कलि संवत
५१२८
बुद्ध संवत
२५७१
विशेष कारक
दिशा शूल
पश्चिम
चंद्र निवास
उत्तर
पंचक
सक्रिय नहींखगोलीय समय
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
भयात
भभोग
भूमिका
ग्रहों की स्थिति
इसके लिए गणना की गई: रविवार, २९ अगस्त २०२७ · सूर्योदय ०५:४०
सिंह
कर्क
कृष्ण पक्ष चन्द्र
चंद्र बल
चंद्रबल
कमजोर — बड़े कार्यों से बचें
ताराबल
जन्म तारा — सामान्य
अभिजित मुहूर्त
११:३८ – १२:२९
ब्रह्म होरा
०४:१० – ०४:५५
