4 कार्तिक
2084गुरुवार
गुरुवार, २१ अक्टूबर २०२७
तिथि
षष्ठी
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा
पुनर्वसु
योग
शिव
पक्ष
कृष्ण
पांच अंग
षष्ठी
कार्तिकेय३ कार्तिक, १५:३३१३:५८
सप्तमी
१३:५८५ कार्तिक, १२:११
आर्द्रा
राहु३ कार्तिक, २२:४५२१:४७
पुनर्वसु
२१:४७५ कार्तिक, २०:४०
अक्षर घ› के
गुरुवार
शिव
auspicious०४:५७५ कार्तिक, ०२:२५
सिद्ध
५ कार्तिक, ०२:२५५ कार्तिक, २३:४५
वणिज
०२:४७१३:५८
विष्टि
१३:५८५ कार्तिक, ०१:०५
बव
५ कार्तिक, ०१:०५५ कार्तिक, १२:११
नक्षत्र विशेषताएं
नक्षत्र
आर्द्रा
चरण
द्वितीय — घ
चंद्र राशि
मिथुन
राशि स्वामी
राहु
गण
मनुष्य
योनि
श्वान
वर्ण
शूद्र
नाड़ी
आदि
संवत
पक्ष
कृष्ण
चंद्र मास
कार्तिक
विक्रम संवत
२०८४
शक संवत
१९४९
कलि संवत
५१२८
बुद्ध संवत
२५७१
विशेष कारक
दिशा शूल
दक्षिण
चंद्र निवास
पश्चिम
पंचक
सक्रिय नहींखगोलीय समय
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
भयात
भभोग
भूमिका
ग्रहों की स्थिति
इसके लिए गणना की गई: गुरुवार, २१ अक्टूबर २०२७ · सूर्योदय ०६:०७
तुला
मिथुन
कृष्ण पक्ष
चंद्र बल
चंद्रबल
मध्यम — दैनिक कार्यों के लिए उपयुक्त
ताराबल
जन्म तारा — सामान्य
अभिजित मुहूर्त
११:२५ – १२:१०
ब्रह्म होरा
०४:२५ – ०५:१६
