
अक्षर: मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे
वर्ष भर सावधानी और धैर्य बनाए रखना ही सफलता की कुंजी होगी।
भाग्यशाली अंक
१
भाग्यशाली रंग
नारंगी
दिशा
पूर्व
भाग्यशाली दिन
रविवार
ग्रहीय गोचर
यह वर्ष आपकी कार्यक्षमता और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा लेगा। शनि की अष्टम स्थिति के कारण अनावश्यक भागदौड़ और मानसिक दबाव बना रहेगा। केतु के प्रथम भाव में होने से स्वयं के निर्णयों पर संदेह पैदा हो सकता है, इसलिए धैर्य रखना ही एकमात्र उपाय है। बृहस्पति का गोचर आपके लिए वित्तीय अनिश्चितता ला सकता है, लेकिन साल के अंत में स्थिति में थोड़ा सुधार होगा। करियर में अचानक बदलाव आने की संभावना है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ विवादों से बचें। वित्त के मामले में बड़ा निवेश करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह अवश्य लें। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। पारिवारिक जीवन में शांति बनाए रखने के लिए वाणी पर संयम रखें। वर्ष का उत्तरार्ध आपके व्यक्तिगत विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। किसी भी प्रकार के शॉर्टकट से दूर रहें। स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
"अत्यधिक आत्मविश्वास से बचें और किसी भी बड़े निर्णय पर पुन: विचार करें।"
नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन कार्यस्थल की राजनीति से सतर्क रहें। धन का निवेश सोच-समझकर करें क्योंकि अचानक खर्च बढ़ने की प्रबल संभावना है।
जीवनसाथी के साथ संवाद में स्पष्टता रखें अन्यथा गलतफहमी बढ़ सकती है।
खान-पान में अनियमितता के कारण पेट या थकान से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
परिवार में किसी बड़े बुजुर्ग के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है।
पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने के लिए नियमित दिनचर्या का पालन करें।
आध्यात्मिक शांति के लिए दान-पुण्य और सेवा कार्यों में मन लगाएं।
आपके कंपन को वर्तमान खगोलीय गोचर के साथ संरेखित करने के लिए विशेष रूप से तैयार की गई क्रियाएं।
प्रति शनिवार के दिन शनि मंत्र का 108 बार जाप करें।
प्रत्येक मंगलवार को हनुमान मंदिर जाकर चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
